आन्तरिक गुणवत्ता सुनश्चयन प्रकोष्ठ का गठन प्रत्येक विश्वविद्यालयों / महाविद्यालयों के लिए अनिवार्य किया गया है, जिससे प्रत्येक विश्वविद्यालय / महाविद्यालय में उच्च शिक्षा की आन्तरिक गुणवत्ता में उत्तरोत्तर अभिवृद्धि की जा सके। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को उत्कृष्ट स्तर पर ले जाने के लिए समय-समय पर सेमिनार / कार्यशालाएँ परिषद स्तर से आयोजित की जाती है।

प्रदेश के 11 राज्य विश्वविद्यालयों में IQAC का गठन हो चुका है। महाविद्यालयों में IQAC का गठन प्रक्रियाधीन है। इसी क्रम में UPDESCO के माध्यम से उच्च शिक्षा परिषद द्वारा IQAC का एक सॉफ्टवेयर तैयार कराया गया है जिसके माध्यम से विश्वविद्यालय/महाविद्यालय अपनी आन्तरिक गुणवत्ता की रिपोर्ट Online तैयार कर प्रस्तुत किये जाने के निर्देश हैं। इस समस्त कार्ययोजना का मूल लक्ष्य प्रत्येक विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय को NAAC से यथाशीघ्र मूल्यांकित कराया जाना है। उ0प्र0 राज्य शिक्षा परिषद द्वारा IQAC के कार्यो की समीक्षा की जाती है।

आन्तरिक गुणवत्ता सुनश्चयन प्रकोष्ठ (IQAC)

IQAC की स्थापना उच्च शिक्षण संस्थाओं में NAAC द्वारा मूल्यांकन के पश्चात् शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए की जाती है। IQAC का मुख्या कार्य ऐसी व्यवस्था को विकसित करना है जो शैक्षिक संस्थाओं के निष्पादन में तत्पर, निरन्तर एवं उत्प्रेरक सुधार करने में सहायक सिद्ध हो। संस्थाओं के पुन: प्रत्यायन के सन्दर्भ में IQAC महत्वपूर्ण एवं उपयोगी योगदान देता है। पूर्व में उल्लिखित कसौटियों के आधार पर ही IQAC कार्य करता है।

IQAC का लक्ष्य:-

IQAC का लक्ष्य शैक्षणिक संस्थाओं के विविध क्रियाकलापों के सम्बन्ध में मानक विकसित कर एक मुख्य कार्य के रूप में सुनिश्चित करना है। इसकी गुणवत्ता से सम्बन्धित सूचनाओं का प्रसार करना और समय-समय पर शिक्षा की गुणवत्ता की अभिवृद्धि के लिए वाद-विवाद, कार्यशालायें तथा सेमीनार आदि का आयोजन करना भी इसका मुख्य लक्ष्य रहा है। शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सफल बनाने के लिए इसके मानकों का प्रयोग करके इसके क्रियाकलापों की निरन्तर रिकार्डिंग एवं मानीटिरिंग के माध्यम से जानकारी प्राप्त करके एक नोडल एंजेन्सी के रूप में कार्य करते हुए वार्षिक क्वालिटी एश्योरेन्स रिपोर्ट तैयार कर U.G.C. एवं NAAC  को प्रेषित करना भी यह सेल सुनिश्चित करता है।

IQAC के उद्देश्य:-

  • प्रदेश के समस्त उच्च शिक्षण संस्थाओं ने एक सतर्क, सतत् एवं उत्प्रेरित विकास तंत्र बनाना।
  • समाज के सभी वर्गो के लिए उच्च शिक्षा को सुगम बनाना।
  • राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर शोध कार्यो का आदान प्रदान करना तथा नेटवर्क स्थापित करना।
  • शैक्षिक पाठ्यक्रमों एवं शोध कार्यो की प्रासंगिकता सुनिश्चित करना।
  • उच्च शिक्षा में अभिवृद्धि हेतु उच्च शिक्षा से जुड़े छात्रों, अभिभावकों, प्राध्यापकों, कार्मिकों तथा समाज के प्रति शैक्षणिक संस्थाओं की शिक्षा में गुणवत्ता के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करना एवं मूल्याकंन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाये रखना।
  • उच्च शिक्षा में शिक्षण की नवीन विधाओं को समाहित कर पूर्ण रूप से उपयोग किया जाना।

रणनीतियाँ

IQAC तंत्र और कार्यविधियों का विकास करेगा
  • शैक्षणिकए प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों के समयबद्धए कुशल और प्रगतिशील प्रदर्शन को सुनिश्चित करने हेतु
  • शैक्षिक और अनुसंधान कार्यक्रमों की प्रासंगिकता और गुणवत्ता हेतु
  • समाज के विभिन्न वर्गों के लिए अकादमिक कार्यक्रमों मे समान अवसर और सामर्थ्य हेतु।
  • शिक्षण और सीखने के आधुनिक तरीकों का अनुकूलन और एकीकरण हेतु।
    मूल्यांकन प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता हेतु।
  • समर्थन संरचना और सेवाओं की पर्याप्तताए रखरखाव और कार्य पद्धति सुनिश्चित करने हेतु।
  • भारत और विदेशों में अन्य संस्थानों के साथ नेटवर्किंग व अनुसंधान साझा करने हेतु।

IQAC के कार्य एवं गतिविधियॉ:-

  • IQAC के माध्यम से शैक्षणिक संस्थाओं के विविध क्रियाकलापों के सम्बन्ध में मानक विकसित करना तथा उनका प्रयोग सुनिश्चित करना।
  • गुणवत्ता से सम्बन्धित सूचनाओं का प्रसार करना।
  • शिक्षा की गुणवत्ता की अभिवृद्धि के लिए वाद-विवाद, कार्यशालायें, सेमीनार आदि आयोजित करना।
  • शैक्षणिक संस्थाओं की गुणवत्ता मानकों की रिकार्डिंग तथा मानिटरिंग करना।
  • गुणवत्ता की अभिवृद्धि से सम्बन्धित क्रियाकलापों के लिए शैक्षणिक संस्थाओं के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करना।
  • वार्षिक क्वालिटी एश्योरेन्स रिपोर्ट तथा ऐसी अन्य रिपोर्ट तैयार करना जैसा कि समय-समय पर सुनिश्चित किया जाय।

लाभ

IQAC सुगम करेगा / योगदान देगा
  • गुणवत्ता बढ़ाने के लिए संस्थागत कामकाज में स्पष्टता और फोकस के स्तर को सुनिश्चित करना।
  • गुणवत्तापूर्ण संस्कृति के आंतरिकीकरण को सुनिश्चित करना
  • संस्था की विभिन्न गतिविधियों में वृद्धि और समन्वय सुनिश्चित करना और सभी अच्छे आचरण को संस्थागत बनाना।
  • संस्थागत कामकाज में सुधार हेतु निर्णयन के लिए एक ठोस आधार प्रदान करना।
  • भ्म्प् में गुणवत्तापूर्ण परिवर्तन के लिए एक गतिशील प्रणाली के रूप में कार्य।
  • दस्तावेज़ीकरण और आंतरिक संचार की एक संगठित पद्धति का निर्माण करना।

संरचना

आईक्यूएसी का गठन संस्था के प्रमुख की अध्यक्षता में प्रत्येक संस्थान में महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक इकाइयों के प्रमुख और कुछ शिक्षकों और कुछ विशिष्ट शिक्षाविदों और स्थानीय प्रबंधन और हितधारकों के प्रतिनिधियों के साथ किया जा सकता है।

IQAC की संरचना निम्नानुसार हो सकती है:

  • अध्यक्षरू संस्थान के प्रमुख
  • कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी
  • तीन से आठ शिक्षक
  • प्रबंधन से एक सदस्य
  • स्थानीय समाजए छात्र और पूर्व छात्र के एकध्दो नामांकित व्यक्ति
  • नियोक्ता ध् उद्योगपतियों ध् हितधारकों से एक ध् दो नामांकित व्यक्ति
  • IQAC के समन्वयक ध् निदेशक के रूप में वरिष्ठ शिक्षकों में से एक

IQAC की स्थापना का मुख्या उद्देश्य पीयर टीम द्वारा निर्देशित बिन्दुओं के अन्तर्गत गुणवत्ता में सुधार हेतु निष्पादित कार्यो एवं गतिविधियों का विवरण AQAR (Annual Quality Assurance Report) के रूप में 05 वर्षो तक प्रतिवर्ष NAAC को प्रेषित करना है जिसके आधार पर 05 वर्ष के उपरान्त NAAC द्वारा पुर्नमूल्यांकन किया जा सके।